• Menu
  • Menu

Hanuman Mandir Lamgaon: रहस्यमयी हनुमान मंदिर के बारे में जानें

Ambikapur Hanuman Mandir: छत्तीसगढ़ में कई सारे प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थल हैं, जिनमें से कुछ स्थल तो रहस्यमयी हैं उन्हीं में से एक है सरगुजा के लमगांव में स्थित हनुमान मंदिर। इस लेख में हम इसी मंदिर के बारे में और इससे जुड़ी मानयताओं और कहानियों के बारे में जानेंगे।

हनुमान मंदिर, लमगांव

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में लमगांव में स्थित हनुमान मंदिर में रखी मूर्ति की वजह से काफी प्रसिद्ध है। ऐसा कहा जाता है की मंदिर में रखी मूर्ति का आकार समय के साथ बढ़ रहा हैं, जब इस मूर्ति की स्थापना मंदिर में की गई थी तब लगभग 1-1.5 फीट का था लेकिन अब बढ़कर लगभग 3-4 फीट का हो चूका है। इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1995 में हुआ था। इसके अलावा इस मन्दिर की सबसे ख़ास बात यह की यहाँ वर्ष 2002 से 24 घंटे रामचरित मानस का पाठ किया जा रहा है साथ ही अखंड दीप प्रज्वलित किया जा रहा है।

रामायण का पाठ करने के लिए 04 पुजारियों को नियुक्त किया गया है जो बारी बारी से 3-3 घंटे तक दिन रात पाठ करते हैं, ऐसा करने के लिए इनको हर महीने 5000 रूपये मिलते हैं।

मंदिर में हर शनिवार और मंगलवार को काफी भीड़ होती है, लोगों का मानना है की यहाँ सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है, साथ ही हर शनिवार को भंडारे का आयोजन भी किया जाता है।

राम दरबार

इस स्वयं प्रकट हनुमान जी के मंदिर के सामने ही ही राम दरबार है जिसमें भगवान राम, सीता, लक्ष्मण जी की मूर्ति है साथ ही राधा और कृष्ण की मूर्ति को भी स्थापित किया गया है। इस राम दरबार में दीवारों पर रामायण से जुड़े चित्र बनाये गए हैं जो बहुत ही ख़ूबसूरती के साथ रामायण की कहानी को बताते है।

इस मंदिर से जुड़ी कहानी

लमगांव स्थित स्वयं प्रकट हनुमान जी की मूर्ति से जुड़ी कहानी बहुत ही दिलचस्प है, ऐसा माना जाता है की बाबा त्रिवेणी नाम के एक व्यक्ति थे जिनके सपने में हनुमान जी ने दर्शन दिए और कहा की वे एक पेड़ में फसें हुए उन्हें बाहर निकालें, ऐसा सपना उनको कई बार उसके बाद बाबा त्रिवेणी जी उस पेड़ के पास गए और उस पेड़ को काटकर देखा तो दंग रह गए, सच में वहाँ हनुमान जी की मूर्ति थी।

इसके बाद मंदिर की स्थापना की और मूर्ति को स्थापित किया गया है, कई सालो बाद पता चला की मूर्ति के आकार में भी बदलाव हो रहा हो है और समय से साथ बढ़ रहा है। इस बात से लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं और इस हनुमान जी के दर्शन करने पहुँचते हैं।

फोटो

[URIS id=3665]

कैसे पहुँचे

सरगुजा के लुंड्रा विकासखंड के लमगांव में स्थित हनुमान मंदिर तक पहुँचना बेहद ही आसान है, यह अंबिकापुर से लगभग 22 किलोमीटर की दुरी पर हैं, नेशनल हाईवे 43 में लमगांव पास मंदिर का पहला द्वारा बनाया गया है। इस द्वारा से सीधे आगे लगभग 2.5किलोमीटर आगे जाने पर आप मंदिर तक पहुँच जायेंगे आप अपने दो या चार पहिये वाहन से आसानी से पहुँच सकते हैं।

इस लेख में हमने लमगांव के हनुमान मंदिर और उससे जुड़े रोचक कहानियों के बारे में जाना। उम्मीद है यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा होगा। इस आर्टिकल से सम्बंधित कोई भी सवाल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य पूछें।

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *