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श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी

श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी

इस लेख के माध्यम से हम राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के शिवाड शहर में स्थित श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानेंगे। इस मंदिर को शिवाड मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान में भगवान शिव के कई प्राचीन मंदिर हैं। इन प्राचीन मंदिरों और सिद्ध मंदिरों में सवाई माधोपुर के शिवाड का नाम भी शामिल है।

यह अपनी प्राचीनता, ऐतिहासिकता और आस्था, वास्तुकला के लिए जाना जाता है। इसको लेकर विद्वानों में मतभेद भी हैं कुछ लोग इसे शिव का अंतिम ज्योतिर्लिंग मानते हैं, जबकि कई विद्वान इसे शिव का अंतिम ज्योतिर्लिंग नही मानते हैं।

श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर के बारे में जानकारी

श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर शिवाड़

श्री घुश्मेश्वर 12वें ज्योतिर्लिंग के पवित्र स्थल है। भगवान शिव का घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग में पूजा होता है। इसका मुख्यालय शिवार, जिला सवाई माधोपुर, राजस्थान में स्थित है। इसका दूसरा नाम श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग है। भगवान शिव को समर्पित प्राचीन शिव मंदिर एक छोटे से ऐतिहासिक किले के पास स्थित है। पुराने किले के नीचे एक प्राचीन शिव मंदिर है जिसमें कई देवी-देवताओं का मूर्ति बनाया गया है। जिसे देखने में अदभुत लगता है और यहां एक बेहतरीन पिकनिक स्थल भी है क्योंकि यह पहाड़ों और एक तालाब से घिरा हुआ है। इसे भगवान शिव के द्वादश (12वें) ज्योतिर्लिंग के रूप में भी जाना जाता है।

घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा

ऐसा माना जाता है की सुधारा नाम का एक ब्राह्मण देवगिरी पहाड़ियों के आसपास रहता था, जिसकी पत्नी सुदेहा को संतान का आशीर्वाद नहीं मिला था। तो सुदेहा ने आपने पति का शादी आपने छोटी बहन घुश्मा से करा देती है। घुश्मा एक शिव भक्त थीं, जिन्हें भगवान शिव की भक्ति के परिणामस्वरूप अपने पति से एक पुत्र प्राप्त हुआ था। सुदेहा अपनी छोटी बहन घुस्मा के सम्मान और खुशी से ईर्ष्या करती थी, जिसके कारण घुश्मा के बेटे की हत्या करा देती है, अगले दिन, भगवान शिव ने घुश्मा को उनके सामने प्रकट होकर अपना ‘दर्शन’ प्रदान किया, जब वह पूजा के बाद भगवान शिव की मूर्तियों को विसर्जित कर रही थीं उनकी भक्ति से प्रभावित होकर भगवान शिव ने न केवल उनके पुत्र को पुनर्जीवित किया, बल्कि उन्हें यह वरदान भी दिया कि वह घुश्मा के नाम पर घुश्मेश्वर के रूप में इस स्थान पर हमेशा निवास करेंगे।

श्री घुश्मेश्वर 12वां ज्योतिर्लिंग मंदिर का फोटो

कब और जायें

यहां आप शिवरात्रि में जा सकते है। यहा शिवरात्रि में बहुत दूर दूर से पूजा करने आते है और शिवरात्रि में यहां बहुत धूम धाम से मेला भी लगता है। यह सुबह 04 से 10 बजे रात तक खुला रहता है।

  • निकटतम बस स्टैंड :  जयपुर से श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 104 km पड़ेगा। जयपुर से बस या कार मिल जायेगा श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग जाने के लिए।
  • निकटतम रेलवे स्टेशन : इसरदा रेलवे स्टेशन से कोटा-जयपुर रेल मार्ग पर 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • निकटतम हवाई अड्डा : जयपुर निकटतम हवाई अड्डा है जो की श्री घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 110 km है।

इन्हें भी देखें

सवाल जवाब

घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग कहा है?
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के शिवाड में स्थित है।
श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
श्री घुश्मेश्वर महादेव मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय शिवरात्रि का है, यह मंदिर सुबह 04 से 10 बजे रात तक खुला रहता है।

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